कहाणी : कभी न खत्म होने वाला दुःख | Hindi Motivational Story

अगर आपके जीवन में भी ऐसा दुख है उसे देख कर आपको लगता है कि हमेशा के लिए ऐसे ही रहेगा और इसीलिए आपको जीने के लिए वजह नहीं मिल रही , जीने में मजा ही नहीं आ रहा , दिन रात वह दुख आपको दर्द देता रहता है तो आज की Hindi Motivational Story  आप ही के लिए हे। कहानी अंत तक पढ़ी है आपको आपके दुखों का हल जरूर मिल जाएगा।

Hindi Motivational Story

Hindi Moral Story :

एक आदमी ने बहुत बड़े कार एक्सीडेंट में अपनी सारी फैमिली को गवा दिया। उसके बाद वह इतना दुखी रहने लगा कि उसके लिए जीने की दूसरी वजह नहीं थी।

वह हमेशा खुद को कोसता। उसकी वजह से उसके छोटे-छोटे बच्चों को , उसकी वाइफ को अपनी जान गवानी पड़ी।

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उसने बहुत बार सुसाइड करने का प्रयास भी किया। कुछ महीने बीत गए उसके बाद वह आदमी अचानक बहुत ही खुश रहने लगा।

इतना खुश रहने लगा कि इतना खुश तो कोई दूसरा आम आदमी भी नहीं रहता।

उसके पड़ोसी को आश्चर्य हुआ , जो आदमी इतना दुखी रहता था तीन चार बाग सुसाइड का प्रयास भी किया वह अचानक से इतना खुश कैसे रहने लगा ?

पडोसी से रहा नहीं गया उसने आदमी से पूछा की कुछ महीने पहले इतने दुखी रहते थे अचानक से आप इतने खुश कैसे रहने लगे।

आदमी ने जवाब दिया – हां रोज मे रोज दुखी रहता था। ऐसे दुखी होकर एक दिन बाहर की दुकान पर कुछ लेने के लिए गया।

जब मैं वापस घर आ रहा था तो अचानक से मेरे पीछे एक छोटा सा कुत्ते का बच्चा लग गया वह मेरे पीछे पीछे ही चल रहा था। मैं थोड़ा तेज चलने लगा तो वह भी तेज चलने लगा।

मैं घबरा गया और घर की तरफ जोर से दौड़ने लगा। वह भी मेरे पीछे तेजी से दौड़ने लगा।

दौड़कर में घर में पहुंचा दरवाजा लगा लिया। एक घंटे बाद मैंने देखा की वह कुत्ते का बच्चा मेरे दरवाजे के बाहर ही खड़ा था।

जैसे कि वह मेरी राह देख रहा था मुझे लगा उसको भूख लगी होगी। तो मैंने दरवाजा खोला और उसको थोड़ा दूध पीने के लिए दिया।

और वो ऐसे दूध पी रहा था जैसे कि उसको बहुत दिनों से कुछ खाने को मिला ही नहीं।

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वह बहुत तेजी से दूध पी रहा था मेरी तरफ भी देख रहा था उसको दूध पीते देखकर मुझे एक अजीब सी फीलिंग आ रही थी। ऐसी फीलिंग जीवन में मैंने पहली बार महसूस की थी मेरे परिवार को गवाने के बाद वह पहला क्षण था जब मैं दुखी नहीं था।

मुझको एक अलग ही आनंद हो रहा था। शायद मुझे मेरे जीने का मकसद मिल गया था। क्योंकि किसी को सिर्फ छोटा सा दूध पिलाते मुझे इतना आनंद मिल रहा था।

तो अगर मैंने ऐसे ही रोज किसी की मदद की तुझे कितना आनंद होगा। उसके बाद से मैंने रोज गली के जो भी प्राणी थे कोई को खाना खिलाना शुरू कर दिया।

कुछ दिनों बाद मेरे घर के आंगन में ही सारे प्राणी आने लगे। जैसे कि उनको किसी ने बताया था की इधर जो आदमी रहता है ना वह प्राणियों की बहुत मदद करता है , उनको खाना दिलाता है , उनसे प्यार करता है वह दूसरों जैसा नहीं है।

और उसके बाद में रोज खुश रहता हूँ , यही वजह हे मेरी खुशी की।

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Moral Of This Motivational Story :

दोस्तों आपके जीवन में भी आपके जीने की वजह ही नहीं है तो दूसरों की मदद करना शुरू कर दीजिए , दूसरों की खुशी में अपनी खुशी देखना शुरू कर दीजिए। देखना ऐसा सुखी दुनिया में दूसरा कोई नहीं होगा।

दोस्तों आज की Hindi Inspirational Story से के जीवन में थोड़ी सी भी खुशी आई तो कमेंट करके जरूर बताना। और अपने दुखी दोस्तों के साथ शेयर करना ना भूलना।

ऐसे ही Hindi Moral Story  , Hindi Success Story  पढ़ने के लिए नीचे दिए हुए लिंक पर क्लिक कीजिए , धन्यवाद।

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ankit

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